मिलाद का सबूत हदीसो से 0⃣5⃣

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*🥀 मिलाद का सबूत हदीसो से 🥀*          



*पोस्ट नंबर 5*

🌹 हुज़ूर के ज़माने मे मस्जिद-
ए-नब्वी मे मिलाद हुई इसमे 
खुद हुज़ूर सल्लाहो आलैहे 
वसल्लम ने
अपनी विलादत के फ़ज़ाएल 
बयान किए.

📚(तीरमिज़ी शरीफ, जिल्द 2 
सफ़ा 201)

 🌹खुद ' नबी-ए-पाक सल्लाहो 
आलैहे वसल्लम ने अपने 
मिलाद पर अल्लाह का शुक्र 
बजा लाने की तलकीन फरमाई
 और तरगीब दी....!!

📚(मुस्लिम शरीफ, जिल्द - 2, सफ़ा –
 819) (नीसाई शरीफ, जिल्द 
-2 सफ़ा–147)
(बैहक़ि शरीफ, जिल्द - 4, 
सफ़ा – 286)

🌹हज़रत अबू क़तादा ऱदिआल्लह 
अनहू से रिवायत है रसूल-ए-
करीम सल्लाहो आलैहे 
वसल्लम से पिर का रोज़ा 
रखने के बारे मे 
सवाल किया गया तो आप 
सल्लाहो आलैहे वसल्लम ने 
फरमाया क इसी दिन मेरी 
विलादत हुई और इसी दिन 
मुझ पर क़ुरान नज़िल हुआ"

📚(सही मुस्लिम जिल्द 2 हदीस
 819 सफ़ा 1162) (नसई 
अल सुनने कुबरा जिल्द 2 
हदीस 146 सफ़ा 2777)

🌹अल्लाह को पसंद हैं जो बन्दो 
को नेमत मिले उसका इज़हार 
करो.

📚(तीरमिज़ी शरीफ 2819
 हदीस ए हसन)

🌹पीर के रोज अबू लहब के 
उंगली से पानी निकलता है 
जो उसे सुकून पहोचाता है 
जहन्नम की तकलीफ़ से.
📌वजह ?? नबी के विलादत 
की खबर सुनाने के सबब
 उसने अपनी लोंड़ी शोएबा 
को उंगली के इशारे से आज़ाद
 किया था. 
        
📚(सही बुखारी, बाब 1 सफ़ा 
153 हदीस 5101)

🌹मिलाद (विलादत का 
अरबी माना) को ईद ए मिलाद
 कहने का सबूत 
🌹ईद का अरबी माना खुशी का हैं

📚(सुरे माएद आयत 114)

🌹जिस दिन अल्लाह की खास ऱहेमत नाज़िल हो उस दिन को 
ईद मनाना और खुशी मनाना 
अल्लाह का शुक्र अदा करना 
अंबिया का तरीका है
🌹जब आका सल्लाहो आलैहे 
वसल्लम हिजरत कर के मदीना 
शरीफ आए तो लोगों ने खूब 
ज़शन मनाया
🌹नोजवान लड़के अपनी छतो 
पर चढ़कर और गुलाम, खुद्दाम
 रास्तो मे फिरते थे और नारा 
ए रिसालत लगते और कहते 
या रसूल अल्लाह.

📚(सही मुस्लिम जिल्द 2 सफ़ा 419)

🌹हुज़ूर सल्लाहो आलैहे वसल्लम 
हज़रत हस्सान रज़ी अल्लाह 
अनहो के लिए मस्जिद ए नबवी
 शरीफ मे मिमबर रखते और हज़रत हस्सान उस पर खड़े हो कर हुज़ूर की शान ए अक़्दस मे नातिअ आशार
पढ़ते थे ओर हुज़ूर फरमाते:
 जब तक हस्सान मेरे बारे मे 
नातिअ ओर फखरिया आशार 
पढ़ता रहेगा तो बेशक अल्लाह 
ताला रूहुल अक़्दस (हज़रत जिबराईल अलेह्सलाम) के 
ज़रिए हस्सान की मदद 
फरमाता है

📚(सुनन अबू दाऊद,किताब उल 
अदब, बाब मा जौ फ़ि'शर, 
जिल्द 5 पेज 176 हॅडाइत 
नो 5015)
📚(सुनन तीरमिज़ी, किताब उल 
अदब,बाब मा जौ फ़ि
 इंशाद'शर, जिल्द 3 पेज 
562,561 हदीस नो 2846)

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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*

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