उम्मत पर हुजूरﷺ के हुकूक04

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*🥀 उम्मत पर हुजूरﷺ के हुकूक 🥀*



*👉 पार्ट:-4*

♦️ *महब्बते रसूलﷺ*

हर उम्मती पर रसूलुल्लाह ﷺ का हक है कि वोह सारे जहान से बढ़ कर आप से महब्बत रखे और सारी दुन्या की महबूब चीजों को आप की महब्बत के कदमों पर कुरबान कर दें। खुदा वन्दे कुद्दूस का फरमान है कि

ऐ रसूल आप फ़रमा दीजिये अगर तुम्हारे बाप और तुम्हारे बेटे और तुम्हारे भाई और तुम्हारी औरतें और तुम्हारा कुम्बा और तुम्हारी कमाई के माल और वोह सौदा जिस के नुक्सान का तुम्हें डर है और तुम्हारे पसन्दीदा मकान येह चीजें अल्लाह और उस के रसूल की राह में लड़ने से ज़ियादा प्यारी हों तो रास्ता देखो यहां तक कि अल्लाह अपना हुक्म लाए और अल्लाह फ़ासिकों को राह नहीं देता ।

आयत के आखिरी टुकड़े से यह भी साबित होता है कि जिस के दिल में अल्लाह व रसूल की महब्बत नहीं यकीनन बिला वा उस के ईमान में खलल है।

*महोम्मद की महोब्बत दिने हक्क की शर्त अव्वल है*
*अगर इसे में है खामी तो सब कुछ ना मुकम्मल है।*

(To be Continue)

*📚 सीरते मुस्तफा, 829*



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