उम्मत पर हुजूरﷺ के हुकूक
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴
*🥀 उम्मत पर हुजूरﷺ के हुकूक 🥀*
*👉 पार्ट:-1*
♦️हुज़ूर ﷺ को अपनी उम्मत से जो बे पनाह मुहब्बत और इस की नजात व मगफिरत की फिक्र और एक एक उम्मती पर आप की शफ्कत व रहमत की जो कैफिय्यत हैं। इस पर कुरआन में ख़ुदा वन्दे कुद्दूस का फ़रमान गवाह है कि
لَقَدْ جَآءَكُمْ رَسُوْلٌ مِّنْ اَنْفُسِكُمْ عَزِیْزٌ عَلَیْهِ مَا عَنِتُّمْ حَرِیْصٌ عَلَیْكُمْ بِالْمُؤْمِنِیْنَ رَءُوْفٌ رَّحِیْمٌ
*बेशक तुम्हारे पास तशरीफ लाए तुम मे से वोह रसूल जिन पर तुम्हारा मशक्कत में पड़ना गिरां है तुम्हारी भलाई के निहायत चाहने वाले मुसलमानों पर बहुत ही रहम फ़रमाने वाले हैं।*
पूरी पूरी रातें जाग कर इबादत में मसरूफ़ रहते और उम्मत की मगफिरत के लिये दरबारे बारी में इनतिहाई बे करारी के साथ गिर्या व जारी फ़रमाते रहते। यहां तक कि खड़े खड़े अकसर आप के पाए मुबारक पर वरम आ जाता था।
ज़ाहिर है कि हुजुर सरवरे अम्बिया, महबूबे किब्रियाﷺ ने अपनी उम्मत के लिये जो जो मशक्कतें उठाई उन का तकाजा है कि उम्मत पर हुजूर के कुछ हुकूक हैं
जिन को अदा करना हर उम्मती पर फ़र्ज़ व वाजिब है ।
(To be Continue)
*📚 सीरते मुस्तफा, 826*
👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें